जानिए लिवर के बारे आश्चर्य कर देने वाले कुछ तथ्य

levar

 

शरीर में लिवर सबसे बड़ी ग्रंथि है। इसको अन्य नामों जैसे यकृत, जिगर, लिवर और लीवर से भी पुकारा जाता है। भोजन पाचन क्रिया से लेकर सैकड़ों कार्य करता है लिवर। लीवर लाल, भूरे रंग में होता है। लिवर के बारे कुछ खास रोचक आश्चर्यजनक तथ्य इस प्रकार से हैं। जिन्हें जानकर आप हैरान रह जायेंगे।

livar ki samsya
1.एक वयस्क व्यक्ति के लिवर का वजन 2.5 पाउंड से लेकर 3 पाउंड तक होता है। लिवर दो हिस्सों में विभाजित होता है। दहिना लोब / Lobe और बांया लोब / Lobe, दहिना लोब बांये लोब से आकृति में बड़ा होता है।
2. लिवर किसी सुपर कम्प्यूटर से कम नही होता है। लिवर खून में शर्करा नियंत्रण, विषाक्त पदार्थ को अलग करने, हार्मोंन तैयार करने, मस्तिष्क को ग्लूकोज, ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलना, प्रोटीन पोषण की मात्रा संतुलन करने जैसे लगभग 500 तरह के महत्वपूर्ण कार्य करता है।
3. लिवर शरीर में रक्त बनाने का कार्य है। लीवर जन्म से पहले रक्त बनाना शुरू कर देता है। मां के कोख में बच्चे की शुरूआत सिर और कोमल केज में लीवर से होती है।
4. शरीर में स्वस्थ लिवर का होना बहुत जरूरी है। लिवर संक्रमण और लिवर खराब होने पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। लिवर शरीर का एक अभिन्न अंग है।
5. लिवर में खुद को Regenerates करने की क्षमता भी होती है। यदि आधा लिवर व्यक्ति डोनेट कर दे तो शरीर में मौजूद आधा लीवर दोबारा से अपनी पूर्ण स्थिति आकृति बनाने में सक्षम होता है। लीवर में खुद को स्वस्थ करने की क्षमता है। यह कार्य किड़नी नहीं कर सकती।
6. Hepar ग्रीक भाषा से लिवर शब्द बना है। इसीलिए डाक्टर लिवर से सम्बन्धित विषयों को Hepato, Hepatic कहते हैं।
7. प्रतिवर्ष 28 जुलाई को वल्र्ड हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है।
8. लिवर शरीर को हानिकारक विषाक्त पदार्थों से बचाता है।
9. जाने अनजाने में खाये जाने वाले विषाक्त भोजन के दुष्प्रभाव को तेजी से निष्क्रीय साफ करने में लिवर की अहम भूमिका होती है।
10. लिवर शरीर से रसायन दूषित विषाक्त अलग कर पसीना, पित्त, मूत्र और मल के माध्यम से बाहर निकालता है।
11. शरीर का 10 प्रतिशत रक्त हर समय लिवर में मौजूद रहता है। और लिवर 1.4 लीटर रक्त हर एक मिनट में पम्प करता रहता है।
12. शरीर पर चोट, निशान से रक्त बहने से रोकने में लीवर की खास भूमिका है। लिवर तेजी से शरीर के चोट घाव जगह पर सफेद रक्त कण भेजता है। जोकि चोट निशान जगह पर पानी पपड़ी की तरह जमनी शुरू हो जाती है।
13. पहला सफल लिवर ट्रांसप्लांट 1963 में किया गया। पहला लिवर ट्रांसप्लांट का श्रेय Dr. Thomas E. Starzl के नाम है।
14. लिवर शरीर में एक गोदाम की तरह कार्य करता है। लिवर शरीर में विटामिनस, मिनरलस, पोषक तत्वों का स्टाॅक रखता है। आवश्यकता होने पर शरीर अंगों से सप्लाई भी करता है।
15. लिवर 10 प्रतिशत वसा फैट से बना है। लिवर में वसा फैट 10 प्रतिशत अधिक होने पर टाईप-2 डायबिटीज हो जाती है। और लिवर संक्रमण होने पर पीलिया रोग हो जाता है।
16. लिवर शरीर में Detoxifier तरह काम करता है। शराब, दवाईयां, नशले पदार्थों का दुष्प्रभाव सीधे लिवर पर असर करती हैं। और शराब, दवाईयां और नशीली चीजें पहला असर भी लिवर पर ही करती हैं। जिससे लिवर प्रभावित हो जाता है।
17. लिवर विषाक्त पदार्थ बिलीरूबीन की मात्रा को फिल्टर कर किड़नी में भेजता है। किड़नी को डेमेज होने से बचाता है। फिर किड़नी पित्त से विषाक्त बिलीरूबीन को पेशाब, मल में पीले रंग रूप में भेजता है। इसी वजह से मल का रंग पीला रंगीन होता है।
18. अचानक पेशाब, मल के रंग बदलना लिवर समस्या की ओर संकेत करता है।
19. कृत्रिम बनावटी लीवर किसी भी प्राणी में नही लगाया जा सकता। क्योंकि लिवर शरीर का अभिन्न अंग है।
20. मस्तिष्क भी बिना स्वस्थ लिवर के सही कार्य नहीं कर सकता।

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लिवर खराब होने पर लक्षण / Liver Damage Symptoms

मुंह से बदबू का आना लिवर खराब होने का लक्षण है।
खाने का स्वाद बदलना और खाना स्वाद में हल्का कड़वापन महसूस होना।
ऐसिडिटी, गैस अधिक लम्बे समय तक रहना से खट्टे डकार आना लिवर खराब होने का लक्षण है।
पेट और पाचन तंत्र खराब रहना। मूत्र मल में लाल गाढ़ा रंग में होना लिवर कमजोरी की ओर संकेत करता है।
आंतो, नाभि, पेट में सूजन-दर्द महसूस करना। पेट भारी-भारी लगना।
त्वचा पर सफेद धब्बे नजर आना और त्वचा में लाली ग्लो अचानक कम होना। साथ में आंखों के सफेद हिस्सा एवं नाखून सफेद होना लिवर कमजोर होने का लक्षण है।

लिवर खराब करने वाले घटक एंव ठीक करने वाले योगिक तत्व

लिवर के खराब होने पर एन्टीसेप्टिक, एन्टीआक्सीडेन्ट, फीटकोनस्टीटूएन्ट्स, ग्लूटथयन, पेकिटिन, वौरीन, पोटैशियम, पालीफिनाल, फलेवोनायडस, सोरबिटाल इत्यादि वाले योगिक तत्वों का समावेश खाने-पीने की चीजों को डाइट में शामिल करने से जल्दी फायदा होता है।
हैपीटाईटिस-बी, हैपीटाईटिस-सी, बाइलीरूविन, बैक्टीरियल वायरल, विलीरूविन जैसे विकार लिवर को कमजोर रोगग्रस्त कर देती है। एन्टीसेप्टिक, एन्टीआक्सीडेन्ट, फीटकोनस्टीटूएन्ट्स, ग्लूटथयन, पेकिटिन, वोरोन तत्व सेवन लिवर को तेजी से पहले जैसा स्वस्थ और सुचार कर देती है। आर्युवेदिक तरीके से लिवर को जल्दी स्वस्थ सुचारू ठीक किया जा सकता है।

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