आखिर क्या है वास्तु {घर,कमरा,पूजा}

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वास्तुशास्त्र का विज्ञान बहुत ही विकसित था| चाहे मंदिर हो या घर,  कोई महल हो या किला सभी वास्तुशास्त्र के अनुसार  ही बनाये जाते थे|

आखिर वास्तु है क्या और घर और जीवन मे वास्तु क्यों होनी चाहिए ,वास्तु अपनाने मे क्या फायदा है? आइये जानिए|

 वास्तु क्या है –

श्रुष्टि के अंदर हर एक चीज़ मे पाँच प्राकृतिक तत्त्व शामिल है, चाहे पृथ्वी पर हो या उससे बाहर | यह पाँच तत्त्व है अग्नि, वायु, जल, पृथ्वी और आकाश | सभी प्राणियो मे और मनुष्य मे भी यह पाँच तत्त्व शामिल है जो पृथ्वी मे भी है| इन सभी तत्वो के बीच मे एक प्रक्रिया होती रहती है इसलिए यह ज़रूरी है कि मनुष्य और उस का घर श्रुष्टि मे पाए इन पाँच तत्वो के साथ पंकित हो या संरेखित हो तब जाके उसका संतुलन बनता है और वातवारण ऐसा बनता है जो शांति और सुख प्रदान करे| वास्तुशास्त्र पृथ्वी की उर्जा, उजाले की उर्जा, वायु की उर्जा, अवकाश की उर्जा, ब्रह्मांड की उर्जा और चंद्रा और सूर्या की उर्जा सभी पर आधारित है| इस वास्तुकला के अंदर दिशा का स्थान भी बहुत महत्वपुर्ण होता है| वास्तु मे विज्ञान का, कला का, ज्योतिष् का और खगोल शास्त्र इन सभी का मेल किया जाता है|

 

ghr ki vastu

घर की वास्तु

यदि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर बनाना चाहे तो उसके लिए सिर्फ़ घर की रचना ही नहीं बल्कि जगह और उस की दिशा और उस का ढलान आदि का भी ख़याल रखा जाता है| घर की रचना के लिए वास्तु के कई नियम है जैसे की घर का मुख्य द्वार उत्तर या फिर उत्तर पूर्व या पूर्व दिशा मे हो, रसोई घर साउथ-ईस्ट(दक्षिण-पूर्व) कोने मे हो, पूजा का कमरा उत्तर दिशा मे हो, पानी का संग्रहण, बाथरूम की जगह और सोने का कमरा सभी एक निर्धारित जगह पर होते है| आजकल बहुत कम लोग जमीन खरीद के चाहे ऐसा घर बना सकते है इसीलिए वास्तु के अनुसार हो ऐसा संभव नहीं है| फिर भी, घर मे सही वास्तु के लिए यह कुछ वास्तु टिप्स ध्यान मे रखे:

  • घर को सॉफ सुथरा रखे
  • बिना जरूरत की चीज़े घर मे ना रखे और घर के बाहर निकाल के फेंक दे|
  • दो दरवाजे के बीच मे कोई फर्नीचर या अड़चन ना रखे|
  • खिड़कियो मे भी कोई अड़चन ना रखे जिस से प्रकाश और हवा आसानी से आ सके|
  • घर के आजू बाजू का जगह भी स्वच्छ रखे|
  • घर मे फर्निचर ज़्यादा ना रखे और हर एक कमरा खुल्ला और विशाल लगे ऐसे अंदर से सजाए|
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